पुलिस अफसर आपकी शिकायत (FIR) लिखने से मना करदे तो क्या करे।

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कोई भी व्यक्ति पुलिस के पास अपनी शिकायत लिखित या मौखिक तौर पर दर्ज करवा सकता है, हर व्यक्ति को इस बात का अधिकार है, लेकिन अक्‍सर पुलिस FIR (फर्स्‍ट इनफॉर्मेश रिपोर्ट) दर्ज करने से इनकार कर देती है, तो आप इन अधिकारी पर कार्यवाही कर सकते हो।

बिना FIR के नहीं होती कोई कार्यवाही

जब भी कोई अपराध होता है या किसी तरह की कोई दुर्घटना होती है तो सबसे पहले उस घटना की जानकारी को आपको पास के पुलिस स्‍टेशन में देनी होती है।

जानकारी मिलने पर पुलिस एफआईआर (First Information Report) दर्ज करती है और फिर एक्‍शन लेती है, शिकायत मिलने के बाद पुलिस रिपोर्ट को तैयार करती है।

जब तक घटना या किसी अपराध की FIR नहीं दर्ज होगी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकती है।

IPC Section 166 ए क्या है

IPC के सेक्शन 166ए के अनुसार कोई भी पुलिस अधिकारी आपकी कोई भी शिकायत दर्ज करने से इंकार नही कर सकता।

अगर वो ऐसा करता है तो उस अधिकारी के खिलाफ वरिष्ठ पुलिस दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

अगर वो पुलिस अफसर दोषी पाया जाता है तो उसे कम से कम 6 महीने से लेकर 1 साल तक की जेल हो सकती है या फिर उसे अपनी नौकरी गवानी पड़ सकती है।

पुलिस अधिकारी द्वारा केस दर्ज नहीं करने व आनाकानी करने की स्थिति में संबंधित पुलिस अधिकारी के विरुद्ध IPc की धारा 166 (ए) के तहत मुकदमा दर्ज करना पुलिस अधिकारी की कानूनी बाध्यता है। अगर अधिकारी ऐसा नहीं करता तो जिसमें दोषी पाये जाने पर संबंधित पुलिस अधिकारी को दो साल तक की सजा व जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

पुलिस अधिकारी FIR दर्ज न करे तो क्या करे।

अगर पुलिस आपकी शिकायत को दर्ज करने से इनकार कर देती है तो आपके पास अधिकार है कि आप किसी सीनियर ऑफिसर के पास जाकर इन अधिकारी के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

अगर इसके बाद भी FIR दर्ज नहीं होती है तो आप CrPC के सेक्शन 156 (3) के तहत मेट्रोपॉलिटिन मजिस्ट्रेट के पास इसकी शिकायत करने के अधिकारी हैं।

आपकी शिकायत पर मजिस्ट्रेट पुलिस को FIR दर्ज करने के निर्देश देने का अधिकार रखते हैं।

यदि कोई अधिकारी आपकी एफआईआर लिखने से मना करता है या एफआईआर दर्ज नहीं करता है तो सुप्रीम कोर्ट के निर्देश अनुसार उन पर एक्शन लिया जा सकता है।

ऑनलाइन FIR दर्ज की जा सकती है

पुलिस अगर FIR दर्ज नहीं करती है तो पीड़ित व्यक्ति अपनी शिकायत ऑनलाइन भी रजिस्टर करा सकते हैं. अपनी शिकायत ऑनलाइन रजिस्टर करने के लिए आपको अपने राज्य की पुलिस वेबसाइट पर जाना होगा।

जैसे गुजरात में https://gujhome.gujarat.gov.in (fir.gujarat.gov.in) की वेपसाइड पर ऑनलाइन FIR दर्ज करवा सकते हो।

FIR दर्ज होने के बद कार्यवाही कैसे होती है

FIR दर्ज होने के बाद तो ड्यूटी ऑफिसर Asi को घटनास्‍थल पर भेजा जाता है, सभी गवाहों के पूछताछ कर उनका स्टेटमेंट रिकॉर्ड किया जाता है।

पहले तो शॉर्ट रिपोर्ट के आधार पर पुलिस रिपोट दर्ज करती है, सुप्रीम कोर्ट के निर्दश के अनुसार पीड़ित व्यक्ति की तरफ से FIR दर्ज कराने के पहले एक हफ्ते के अंदर ही फर्स्ट इन्वेस्टिगेशन पूरी हो जानी चाहिए।

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