प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता मिशन

0
138

सरकार ने भारत को एक डिजिटल सशक्त समाज और अच्छी अर्थव्यवस्था में रूपांतरित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी परिकल्पना के साथ डिजिटल इंडिया कार्यक्रम शुरू किया है।

कार्यक्रम में नागरिकों को विभिन्न ई-गवर्नेंस पहलू से जोड़ने का विचार शामिल है, जिसमें सार्वजनिक भागीदारी को मजबूत बनाने और प्रशासन की जवाबदेही बढ़ाने के लिए निर्णय लेना शामिल है।

डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की पूरी संभावना हो सकतती है, यदि प्रत्येक नागरिक को, स्थान और सामाजिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना डिजिटल सेवाओं / प्रौद्योगिकियों के अवसरों के साथ उस तक पहुंचने की क्षमता और उसका लाभ प्रदान किया जाए ।

ग्रामीण भारत सहित देश भर में सार्वभौमिक डिजिटल साक्षरता इन पहलू की सफलता के लिए एक आवश्यक तत्व है।

सरकार ने दो योजनाओं को डिजिटल साक्षरता प्रदान करने के लिए स्वीकृत किया है, राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन (NDLM) और डिजिटल साक्षरता अभियान (DISHA) जो सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज़ इंडिया लिमिटेड, एक स्पेशल पर्पस व्हीकल(CSC-SPV) (कंपनी अधिनियम 1956 के अंतर्गत स्थापित एक सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी) के द्वारा एक साथ लागू किया गया।

डिजिटल साक्षरता मिशन कार्यक्रम का उद्देश्य

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पूरे देश में ग्रामीण क्षेत्रों में छः करोड़ लोगों को डिजिटल साक्षर, प्रत्येक पात्र परिवार के एक सदस्य कवर करने के द्वारा लगभग 40% ग्रामीण परिवारों तक पहुंचना है।

इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को कम्प्यूटर चलाने या डिजिटल एक्सेस डिवाइस (जैसे टैबलेट, स्मार्ट फोन आदि), ई-मेल भेजना और प्राप्त करना, इंटरनेट ब्राउज़ करना, सरकारी सेवाओं का उपयोग करना, सूचना के लिए खोज करना, डिजिटल भुगतान शुरू करना सीखना है।

इसलिए सूचना प्रौद्योगिकी और संबंधित अनुप्रयोगों विशेषकर डिजिटल भुगतान राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने में सक्षम बनाता है।

इस प्रकार इस योजना का उद्देश्य डिजिटल ग्रामीण आबादी को लक्षित करते हुए, जिसमें अनुसूचित जाति (अजा) /अनुसूचित जनजाति (एसटी), गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल), महिलाएं, निःशक्तजनों और अल्पसंख्यकों जैसे समाज के हाशिये वाले वर्ग को सामिल करके सीखना है।

प्रवेश मानदंड

हितग्राही डिजिटल साक्षर होना चाहिए ।

प्रत्येक घर से केवल एक ही व्यक्ति पर प्रशिक्षण के लिए विचार किया जाएगा, आयु वर्ग : 14 – 60 वर्ष।

डिजिटल साक्षरता मिशन में प्राथमिकता

गैर-स्मार्टफोन उपयोगकर्ता, अंत्योदय घर, कॉलेज ड्रॉप-आउट, प्रौढ़ साक्षरता मिशन के प्रतिभागी ।

कक्षा 9वीं से 12वीं के डिजिटल निरक्षर विद्यार्थियों के लिए जिनके स्कूलों में प्रदान की जाने वाली कंप्यूटर / आईसीटी प्रशिक्षण सुविधा उपलब्ध नहीं है।

अनुसूचित जाति (अजा), अनुसूचित जनजाति (एसटी), गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल), महिलाएं, निःशक्तजनों और अल्पसंख्यकों को प्राथमिकता दी जाएगी ।

हितग्राहियों की पहचान सीएससी-एसपीवी द्वारा डीईजीएस, ग्राम पंचायतों, और ब्लॉक विकास अधिकारियों के साथ सक्रिय सहयोग से पूरी की जाएगी।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here