भारतीय ध्वज संहिता, 2002|ध्वज फहराने के नियम

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भारतीय ध्वज संहिता भारतीय ध्वज को फहराने व प्रयोग करने के बारे में दिये गए निर्देश हैं।

जब भी ध्वज फहराया जाए तो उसे सम्मानपूर्ण स्थान दिया जाए। उसे ऐसी जगह लगाया जाए, जहाँ से वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे।

जब राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है तो भगवा रंग की पट्टी सबसे ऊपर होनी चाहिए।

सरकारी भवन पर ध्वज रविवार और अन्य छुट्‍टियों के दिनों में भी सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराया जाता है, विशेष अवसरों पर इसे रात को भी फहराया जा सकता है।

ध्वज को सदा स्फूर्ति से फहराया जाए और धीरे-धीरे आदर के साथ उतारा जाए। फहराते और उतारते समय बिगुल बजाया जाता है तो इस बात का ध्यान रखा जाए कि ध्वज को बिगुल की आवाज के साथ ही फहराया और उतारा जाए।

अगर किसी सभा मंच पर ध्वज कार्यक्रम किया जाता है तो वक्ता का मुँह श्रोताओं की ओर हो तो ध्वज उनके दाहिने ओर होना चाहिए।

ध्वज किसी अधिकारी की गाड़ी पर लगाया जाए तो उसे सामने की ओर बीचोंबीच या कार के दाईं ओर लगाया जाए।

फटा या मैला ध्वज नहीं फहराया जाता है, जब ध्वज फट जाए या मैला हो जाए तो उसे अकेले पूरा नष्ट किया जाना चाहिए।

ध्वज केवल राष्ट्रीय शोक के अवसर पर ही आधा झुका रहता है, ध्वज पर कुछ भी लिखा नहीं होना चाहिए।

किसी दूसरे ध्वज या पताका को राष्ट्रीय ध्वज से ऊँचा या ऊपर नहीं लगाया जाएगा, न ही बराबर में या दाईं ओर नहीं रखा जाना चाहिए।

अन्य सभी ध्वज राष्ट्रीय ध्वज के बाईं ओर स्थित होने चाहिए यदि वे एक पंक्ति में लटकाए गए हैं।

झंडा हाथ से काते और बुने गए ऊनी, सूती, सिल्क या खादी से बना होना चाहिए। झंडे का आकार आयताकार होना चाहिए, इसकी लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2 का होना चाहिए।

तिरंगे को कैसे फोल्ड करें ?

तिरंगे को फोल्ड करते वक्त उसे पट या क्षैतिज अवस्था में रखें, इसके बाद इसे इस तरह फोल्ड करें कि केसरिया और हरे पट्टी के बीच सफेद पट्टी हो, ये भी ध्यान रखें कि सफेद पट्टी पर अशोक चक्र दिखाई दे, इसके बाद झंडे को दोनों हथेलियों पर रखते हुए सुरक्षित स्थान पर रखें।

तिरंगे को रात में नहीं फहराया जाता फिर हर घर तिरंगा अभियान में तिरंगे रात में क्यों फहराया गया ?

इंडियन फ्लैग कोड 2002 के अनुसार नेशनल फ्लैग तिरंगा को केवल दिन में ही फहराने की अनुमति थी, शाम होने के साथ ही इसे उतार लिया जाता था।

लेकीन मोदी सरकार ने हर घर तिरंगा अभियान के लिए फ्लैग कोड के नियमों में बदलाव किया है, जिसके मुताबिक अब दिन और रात दोनों में तिरंगा झंडा फहराया जा सकता है।

इसके लिए 20 जुलाई, 2022 को भारतीय झंडा संहिता 2002 में संशोधन किया गया है।

हर घर तिरंगा अभियान में पॉलिस्टर के झंडो को भी मिली मंजूरी

फ्लैग कोड में एक और बड़ा बदलाव करते हुए सरकार ने पॉलिस्टर और मशीन के झंडों को भी मंजूरी दे दी है, इसके पहले केवल हाथ से बनाए गए कपास, ऊन और रेशमी खादी के झंडों को फहराने की अनुमति थी।

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