शाम के वक्त महिलाओं की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकती।

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कोड ऑफ़ क्रिमिनल प्रोसीजर, सेक्शन 46 के तहत शाम 6 बजे के बाद और सुबह 6 के पहले भारतीय पुलिस किसी भी महिला को गिरफ्तार नहीं कर सकती, फिर चाहे गुनाह कितना भी संगीन क्यों ना हो।

अगर पुलिस ऐसा करते हुए पाई जाती है तो गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत (मामला) दर्ज की जा सकती है। इससे उस पुलिस अधिकारी की नौकरी खतरे में आ सकती है।

शाम को कोई भी महिला पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन जाने से इनकार कर सकती हैं। अपराध प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 160 के तहत महिलाओं को पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए नहीं बुलाया जा सकता।

इसके तहत महिला कांस्टेबल या महिला के परिवार के किसी सदस्य की उपस्थिति में घर पर ही पूछताछ की जा सकती है।

आरोपी महिलाओं के अधिकार क्या है

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक किसी भी महिला को सूरज ढलने के बाद और सूर्योदय से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।

अधिकतर महिलाओं को यह जानकारी नहीं होगी कि महिला सिपाही भी उन्हें रात में गिरफ्तार नहीं कर सकतीं।

अपराध गंभीर है तब भी पुलिस को लिखित में मजिस्ट्रेट को बताना होगा कि आखिर क्यों रात में गिरफ्तार करना ज़रूरी है।

अगर आरोपी महिला है तो, उसके साथ उसकी गरिमा और शालीनता का ध्यान रखना अनिवार्य है। उस महिला की कोई भी चिकित्सा जांच प्रक्रिया किसी महिला द्वारा या किसी दूसरी महिला की उपस्थिति में ही की जानी चाहिए।

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