सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) क्या है| right to information act 2005

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सूचना का अधिकार अधिनियम भारत की संसद द्वारा पारित एक कानून है, जो 12 अक्टूबर, 2005 को लागू हुआ।

यह कानून नागरिक को जानने का अधिकार या सूचना लेने के अधिकार का हक देता है (Right To Information)।

इन कानून के तहत आप सरकार या सरकारी अधिकारी से कोई भी सूचना मांग सकते हैं, सरकारी निर्णय की प्रति ले सकते हैं, सरकारी दस्तावेजों का निरीक्षण कर सकते है, सरकारी कार्य का निरीक्षण कर सकते हैं।

RTI Act भारत के सभी नागरिकों पर लागू है। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 में 6 अध्याय तथा कुल 31 धाराएं हैं।

सूचना अधिकार के अन्तर्गत कोन सी माहिती ले सकते है।

कार्यो, दस्तावेजों, रिकार्डो का निरीक्षण कर सकते है।

दस्तावेज या रिकार्डो की प्रस्तावना। सारांश, नोट्स व प्रमाणित प्रतियाँ प्राप्त कर सकते है।

सरकारी सामग्री के प्रमाणित नमूने ले सकते है।

सूचना अधिकार के अन्तर्गत माहिती कोन से रूप में मिल सकती है।

प्रिंट आउट, डिस्क, फ्लाॅपी, टेप, वीडियो कैसेटो के रूप में या कोई अन्य इलेक्ट्रानिक रूप, या दस्तावेज और डॉक्यूमेंट पेपर में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

सूचना अधिकार अधिनियम का उद्देश्य

सूचना का अधिकार अधिनियम का मूल उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाना, सरकार की कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना, भ्रष्टाचार को रोकना तथा हमारे लोकतंत्र को सही मायने में लोगों के लिए कार्य करने वाला बनाना है।

यह कनून सरकार को जनता के लिए और अधिक जवाबदेह बनाता है, यह अधिनियम नागरिकों को सरकार की गतिविधियों के बारे में जागरूक करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

आरटीआई के लाभ

RTI के माध्यम से कोई भी भारतीय नागरिक किसी भी गवर्नमेंट विभाग से जानकारी प्राप्त करने के लिए एप्लीकेशन दे सकता है, यह एक आम नागरिक का अधिकार है जो सरकार और प्रशासन के काम को पारदर्शक बनाता है।

आरटीआई के आवश्यक नियम

यदि आप भारत के नागरिक है तो आप इसके अंतर्गत आवेदन करके किसी भी सरकारी दफ्तर से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

आप सभी केंद्रीय राज्य और स्थानीय संस्था से जानकारी हासिल कर सकते हैं जिनकी स्थापना संविधान के अंतर्गत हुई है। इस अधिनियम से बहुत सारे संस्थानों को अलग रखा गया है।

आवेदक को आवेदन करते समय अर्जी सटीक सरकारी संस्था के नाम जमा कर पड़ती है।

आवेदक को माहिती जल्द से जल्द प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र जिस विभाग की माहिती प्राप्त करनी हे, वह विभाग में ही आवेदन पत्र भेजे।

आवेदक को आवेदन के साथ-साथ शुल्क भी भेजना होता है किसी भी व्यक्ति के लिए यह रकम 10 रूपए की होती है और बीपीएल कार्ड धारकों के लिए यह रकम माफ कर दी गई है।

आरटीआई के अंतर्गत आवेदन करने के बाद 30 दिन के अंदर अंदर परिणाम मिल जाता है और यदि महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट हो तो इसका परिणाम 48 घंटे में भी प्राप्त किया जा सकता है।

अगर आवेदन में बात सही तरीके से नहीं भरी या फिर डिटेल अधूरी हो या उसके अलावा आवेदन की राशि गलत भर दी गई है तो आवेदक का आवेदन रिजेक्ट कर दिया जाता है।

RTI के अंतर्गत आने वाले विभाग जहाँ से सूचना मांगी जा सकती है।

अधिकार का प्रयोग आप सभी गवर्मेंट डिपार्टमेंट, प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमत्री कार्यालय, बिजली कंपनियां, बैंक, स्कूल, हॉस्पिटल, राष्ट्रपति कार्यालय, पुलिस, बिजली कंपनियां, कलेक्टर ऑफिस, PWD, नगर पालिका, तालुका पंचायत, जिल्ला पंचायत, DDO, तलाटी इत्यादि RTI एक्ट के अंतर्गत आते है|

RTI आवेदन शुल्क (RTI Application fee)

सूचना के अधिकार (RTI) के लिए 10 रूपये का शुल्क निर्धारित किया गया है, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले व्यक्तियों के लिए यह निशुल्क है |

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