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IRCTC की वेबसाइट या एप द्वारा टिकट बुक करते समय इंश्योरेंस अवश्य ले, रेलवे टिकिट बुक करते समय बीमा अवश्य ले।

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इंश्योरेंस लेने से ट्रेन दुर्घटना की स्थिति मे मृत्यु या अस्थाई विकलांगता पर 10 लाख रु का मुआवजा, जबकि स्थायी आंशिक विकलांगता की स्थिति में 7.5 लाख का इंश्योरेंस कवरेज मिलता है।

वहीं, अस्पताल में भर्ती होने और उस दौरान इलाज के लिए दो लाख रुपये तक मिलते हैं।

इसके अलावा चोरी, डकैती के तहत भी इंश्योरेंस की कवरेज मिलती है और सबसे अच्छी बात ये है कि यह इंश्योरेंस लेने के लिए आपको मात्र 1 रुपिया ही खर्च करने पड़ते हैं।

मतदाता को चुनाव मे भाग ले रहे प्रत्याशियों की माहिती लेने का अधिकार है ?

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भारतीय संविधान की अनुच्छेद 19 के अंतर्गत मतदाताओं को चुनाव मे भाग ले रहे प्रत्याशियों के शैक्षणिक योग्यता/ अपराधिक रिकॉर्ड/ परिवारिक पृष्ठभूमि/ आय का साधन/ वित्तीय लेखा-जोखा/ चुनावी घोषणापत्र जैसी महत्वपूर्ण जानकारी लिखित व मौखिक रूप से जानने का अधिकार है।

अनुच्छेद 19 प्रयेक नागरिकों को स्वतंत्रता का अधिकार देता है, जो भी दस्तावेज हो उसे लोकसेवक के द्वारा प्रमाणित करा ले।

बीमा कंपनी द्वारा किसी भी बेरुखी पर क्या करें, बीमा कम्पनी पर कहा फरियाद करें।

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अक्सर यह देखा गया है कि जीवन/ वाहन या स्वास्थ्य बीमा करते समय कंपनियाँ खुद को आपके सबसे बड़े हमदर्द के रूप में प्रस्तुत करती है।

लेकिन, किसी अनहोनी पर क्लैम के समय उनका रवैया काफी बदला रहता है, अगर आपके साथ भी ऐसा ही है तो उसके निवारण हेतु आपको नीचे दिए गये तरीके को अपनाना चाहिए।

बीमा कंपनी द्वारा किसी भी बेरुखी पर सबसे पहले बीमा कंपनी के शिकायत सेल में लिखित (ईमेल अथवा पत्राचार द्वारा) शिकायत करे।

वहां से 15 दिन में संतोषजनक जवाब न मिलने पर IRDA में लिखित (ईमेल या पत्राचार द्वारा) शिकायत करें, जहाँ तक मुझे लगता है कि आपके समस्या का निस्तारण यही हो जाएगा।

IRDA में कैसे शिकायत करे ?

आईआरडीए को शिकायत हेतु ईमेल आईडी complaints@irdai.gov.in पर ही ई-मेल के माध्यम से शिकायत करना हैं।

आप चाहें तो IRDA के टॉल फ्री नंबर 155255 या 1800 4254 732 पर भी शिकायत कर सकते हैं।

अगर यहां शिकायत करने के बाद कुछ नहीं होता है तो आप बीमा लोकपाल के पास इसकी शिकायत कर सकते हैं।

बजार में सामान खरीदते समय अगर आपके साथ धोखा होता है, तो क्या करें ?

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किसी भी वस्तु को अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक कीमत पर नहीं बेचा जा सकता

किसी भी वस्तु को अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक कीमत पर नहीं बेचा जा सकता।

MRP मे अलग से जैसे रखरखाव, भाड़ा, सर्विस चार्ज, ठंडा व गर्म करने का चार्ज, जीएसटी या अन्य टैक्स/ शुल्क जोड़ना अवैध है। अगर कोई विक्रेता ऐसा करता है तो उसके खिलाफ शिकायत करे।

किसी मॉल या दुकानदार द्वारा ग्राहकों से विज्ञापन प्रिंटेड कैर्री बैग का अतिरिक्त शुल्क लेना अवैध है।

किसी मॉल या दुकानदार द्वारा ग्राहकों से विज्ञापन प्रिंटेड कैर्री बैग का अतिरिक्त शुल्क लेना अवैध है।

ऐसे मामलों में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1800114000 या 1915 पर शिकायत दर्ज कराए, ध्यान दे, विक्रेता बिना प्रिंट वाले कैर्री बैग का शुल्क ले सकता है।

MRP से अधिक क़ीमत पर समान बेचना कानूनी अपराध

यदी कोई दुकानदार किसी सामान को MRP से अधिक किम्मत पर बेचता है, तो 1800114000 पर फोन करके शिकायत करने से उस दूकानदार 5 लाख तक का जुर्माना और 2 साल तक की जेल हो सकती है।

किसी भी व्यक्ति द्वारा एक रुपये से लेकर बीस रुपए तक के सिक्के ना स्वीकार करने पर क्या करें ?

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भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी एक रुपए से लेकर बीस रुपए तक समस्त सिक्के देश की वैध मुद्रा है।

किसी व्यक्ति द्वारा इन सिक्के को (बंद हो गया है या नकली है) कहते हुए अस्वीकार करने पर आप उसके खिलाफ भारतीय मुद्रा अधिनियम व आइपीसी के तहत FIR दर्ज करा सकते है।

किसी भी व्यक्ति द्वारा एक रुपये से लेकर बीस रुपए तक के सिक्के ना स्वीकार करने पर तत्काल सहायता हेतु पुलिस हेल्पलाइन 100/ 112 पर कॉल करे।

कोई 10 रूपिए लेने से इन्कार करें तो क्या करें ?

वैध मुद्रा लेने से इंकार करने वालों पर भारतीय मुद्रा अधिनियम के साथ IPC की धारा 489(A) से 489(E) के तहत भी शिकायत दर्ज किया जा सकता है।

लोग 10 रुपिए का सिक्का क्यों नही लेते ?

कई मित्रों को भ्रम है कि आरबीआई किसी भी सिक्के जारी नही करती, सिक्के केंद्रीय वित्त मंत्रालय जारी करता है,

यह गलत है, RBI एक्ट की धारा 38 के अनुसार संचलन हेतु सिक्‍के सिर्फ आरबीआई द्वारा ही जारी किए जाते है, वित्त मंत्रालय सिर्फ एक रुपए का नोट जारी करने का अधिकार रखता है।

गाड़ी चलाने के लिए DL और RC लेकर घूमने की जरूरत नहीं, देश की कोई पुलिस नहीं काट सकती चालान।

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साल 2018 में भारत सरकार के सड़क और परिवहन मंत्रालय ने Digilocker और mParivahan मोबाइल ऐप में स्टोर किए गए डॉक्यूमेंट्स को ऑरिजिनल डॉक्यूमेंट्स के रूप में स्वीकार करने के लिए आदेश जारी किए थे

भारत में सड़कों पर गाड़ी चलाने के लिए आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence) होना अनिवार्य है. इसके अलावा आपके पास गाड़ी से संबंधित बाकी डॉक्यूमेंट्स जैसे रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (Registraion Certificate), पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (Pollution Certificate) और इंश्योरेंस सर्टिफिकेट (Insurance) होना भी अनिवार्य है.

डॉक्यूमेंट्स की हार्ड कॉपी रखने की कोई जरूरत नहीं

हालांकि, डिजिटल हो रहे भारत में आम जनता को गाड़ी चलाने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स की हार्ड कॉपी रखने की कोई जरूरत नहीं है. आप अपने सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स को Digilocker और mParivahan मोबाइल ऐप में भी स्टोर कर सकते हैं. बताते चलें कि Digilocker और mParivahan ये दोनों ही ऐप सरकारी हैं और पूरे देश में मान्य हैं.

आप अपने सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स इनमें से किसी भी एक ऐप में स्टोर करके पूरे देश में कहीं भी गाड़ी चला सकते हैं. Digilocker और mParivahan में स्टोर किए गए डॉक्यूमेंट्स को ऑरिजिनल डॉक्यूमेंट्स के रूप में ही मान्यता दी गई है और देश के किसी भी कोने में कोई भी पुलिसकर्मी इसे स्वीकार करने से मना नहीं कर सकता है.

2018 में भारत सरकार के सड़क और परिवहन मंत्रालय ने Digilocker और mParivahan मोबाइल ऐप में स्टोर किए गए डॉक्यूमेंट्स को ऑरिजिनल डॉक्यूमेंट्स के रूप में स्वीकार करने के लिए आदेश जारी कर दिए थे.

इसके साथ ही आपको एक बात का और ध्यान रखना चाहिए कि मोबाइल फोन में स्टोर की गई डॉक्यूमेंट्स की फोटो और उनकी फोटोकॉपी किसी भी हाल में मान्य नहीं हैं.

अगर आप किसी पुलिसकर्मी को डॉक्यूमेंट्स की फोटो या फोटोकॉपी दिखाते हैं तो इसे ऑरिजिनल डॉक्यूमेंट्स के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा और आपको पूरा चालान भरना होगा.

यदि केंद्र सरकार के किसी विभाग/ P.S.U अथवा बैंक का कोई कर्मचारी/ अधिकारी आपसे काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो क्या करे ?

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यदि केंद्र सरकार के किसी विभाग/ पी.एस.यू अथवा बैंक का कोई कर्मचारी/ अधिकारी आपसे काम के बदले रिश्वत मांगता है तो केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) के एंटी करप्शन ब्रांच को सूचित करे, तुरंत कार्यवाही होगी, देश भर के CBI (ACB) का नंबर नीचे पोस्ट में है।

CBI (ACB) कॉन्टैक्ट नंबर

• सीबीआई दिल्ली जोन :~

011-24363460, 011-24367887, 011-24367341, 09650394847

• सीबीआई जयपुर जोन :~0141-2228314, 0141-2228315

• सीबीआई जोधपुर जोन :~0291-2574142, 0291-2574143

• सीबीआई भोपाल जोन :~0755-2430303, 0755-2431313

• सीबीआई जबलपुर जोन :~0761-2679222, 9425600091

• सीबीआई चंडीगढ़ जोन :~0172-5256808, 09780484808

• सीबीआई भिलाईं (छत्तीसगढ़) जोन :~0788-2242900, 0788-2242909

• सीबीआई गाजियाबाद जोन :~0120-2751955, 120-2702971

• सीबीआई लखनऊ जोन :~0522-2234926, 09415012635

• सीबीआई देहरादून जोन :~0135-2761799, 0135-2761797

• सीबीआई पटना जोन :~0612-2235566, 0612-2235588

• सीबीआई कोलकत्ता जोन :~033-22894408, 09051613440

• सीबीआई भुवनेश्वर जोन :~0674-2561567, 09438233277

• सीबीआई पोर्ट ब्लेयर जोन :~03192-230362, 09434287837

• सीबीआई गुवाहाटी जोन :~0361-2270092, 0361-2270079

• सीबीआई शिमला जोन :~0177-2654110, 07807133660

• सीबीआई जम्मू जोन :~01912477755, 01912477766

• सीबीआई श्रीनगर जोन :~01942455514, 01942455514

• सीबीआई राँची जोन :~0651-2360299, 09470590422

• सीबीआई धनबाद जोन ;~0326-2204455, 09472766618

• सीबीआई शिलांग जोन :~0364-2223142, 09436334746

• सीबीआई इम्फ़ाल जोन :~0385-2414145, 0385-2414673

• सीबीआई चेन्नई जोन :~0484-28270992, 044-28273186

• सीबीआई कोच्चि जोन :~0484-2348601, 0949600410

• सीबीआई हैदराबाद जोन :~040-24732763, 09010299553

• सीबीआई विसाखापत्तनम जोन :~0891-2783322, 180042500100

• सीबीआई बैंगलोर जोन :~080-23331026, 080-23630288

• सीबीआई नागपुर जोन :~0712-2510382, 0712-2510150

• सीबीआई पुणे जोन :~020-27642501, 020-27642503

• सीबीआई मुम्बई जोन :~022-26529042, 022-26529931

• सीबीआई गोवा जोन :~0832-2459971, 0832-2459972

• सीबीआई गांधीनगर जोन :~079-23233188, 079-23234301

सीबीआई मुख्यालय का पता :

Central Bureau of InvestigationPlot No. 5-B, 6th Floor, CGO Complex, Lodhi Road, New Delhi – 110003

वाहन चलाते समय नींद की एक झपकी कितने बड़े हादसे की वजह बन सकती है।

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वाहन चलाते समय नींद की एक झपकी कितने बड़े हादसे की वजह बन सकती है, इसका ताजा उदाहरण ऋषभ पंत का कार हादसा हैं।

देश में हर साल हजारों लोगों की मौत इसी वजह से होती है, अगर आप इस समस्या से बचना चाहते हैं नीचे दिए गए कुछ टिप्स की मदद से सुरक्षित यात्रा करें।

अगर आपकी नींद पूरी नहीं हुई हो तो गाड़ी चलाने से बचें। हमेशा लंबी दूरी की यात्रा पर जाने से पहले पहले भरपूर नींद लें।

ड्राइव करते समय खाने की ऐसी किसी वस्तु को मुँह में डाले रहे जिसे लगातार कूँचना या चूसना पड़े, जैसे कैंडी/ सेंटर फ्रेश/ च्युइंगगम/ सुपारी (अगर खातें है तो)

ड्राइविंग के दौरान अगर संभव हो तो हर कुछ घंटों में चाय और कॉफी का भी सेवन करते रहें।

लम्बी दूरी की यात्रा में अपने साथ 4 बोतल पानी अवश्य रखें। हर 50 किमी पर ठंडे पानी से मुँह धोयें व हर कुछ समय में एक घूँट पानी अवश्य पिये, अगर कोई साथी हैं तो आपस में बातचीत करते रहें।

अगर अकेले यात्रा कर रहें हैं तो वाहन चलाते समय नींद से बचनें के लिए आप गाने भी सुन सकते हैं, आपका पसंदीदा गाना आपको ध्यान केंद्रित करने और सतर्क रहने में मदद करता है, इसलिए कुछ ऐसे गाने बजाएं जिन्हें आप जानते हैं ताकि आप साथ-साथ गा सकें और अपने दिमाग को केंद्रित कर सकें।

सबसे महत्वपूर्ण बात, इसके बाद भी अगर आपको सुस्ती आए तो रिश्क बिलकुल न ले, आपकी जिंदगी समय से जादा मूल्यवान हैं, तत्काल गाड़ी किसी सुरक्षित स्थान जैसे पेट्रोल पंप/ बस अड्डा या अन्य के पास लगाकर कम से तीन से चार घंटे का रेस्ट लेकर फिर पानी पीकर फ्रेश होकर ही आगे की यात्रा करें।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE)

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शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) को 4 अगस्त 2009 को संसद द्वारा बनाया गया था, इसमें संविधान के अनुच्छेद 21 (ए) के तहत 6 से 14 वर्ष के बच्चों को मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान हैं।

जिसमें निजी स्कूलों को 25% गरीब बच्चों को निःशुल्क पढ़ाना अनिवार्य है।

आरटीई के तहत निजी स्कूलों को गरीब बच्चों की फीस प्रतिवर्ष सरकार द्वारा दिया जाता हैं।

5000 हजार रुपये तक अभिभावक को बच्चे की ड्रैस, कोर्स, कापी किताब एवं अन्य खर्च के लिए भी सरकार द्वारा दिया जाता हैं।

साथ ही, इसमें कोई भी स्कूल बच्चों के एडमिशन शुल्क या कैपिटेशन शुल्क भी नहीं ले सकता हैं, इसके अलावा बच्चे या माता-पिता का इंटरव्यू लेने का भी प्रावधान नहीं है।

प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक किसी भी बच्चे को स्कूल आने से न ही रोका जा सकता व निष्कासित भी नहीं किया जा सकता हैं।

टीवी एवं मोबाइल के माध्यम से घरों में अश्लीलता एवं नग्नता परोसना बहुत खतरनाक है।

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अगर आप सार्वजनिक स्थल पर अपनी प्रेमिका/ पत्नी को किस करते है, तो आईपीसी की धारा 294 के तहत दंडनीय है।

परंतु, मनोरंजन के नाम पर फिल्मों/ टीवी चैनलो द्वारा सार्वजनिक स्थलों व करोड़ों घरों में अश्लीलता एवं नग्नता परोसना संविधान के अनुच्छेद 19 का मौलिक अधिकार है।

टीवी एवं मोबाइल के माध्यम से घरों में पोर्नोग्राफी की घुसपैठ बहुत खतरनाक है, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध में पोर्नोग्राफी की मुख्य भूमिका रही है।

प्रिंटेड सामग्री, फिल्म व टीवी में नग्नता रोकने के लिए बनाए गए पुराने कानून व सेंसर बोर्ड इस डिजिटल दानव के आगे बौने साबित हो रहे है।

इंटरनेट की इस दुनिया में सरकारी अधिकारी भी उलझन में हैं, इसी का फायदा उठाकार कुछ लोग पोर्नोग्राफी के धंधे से ताबड़तोड़ कमाई कर रहें है।

पोर्नोग्राफी की लॉबी बचाव में कह रही है कि नग्नता देखना या दिखाना संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत हमारा मौलिक अधिकार है, यह धारणा पूरी तरह गलत है।

पोनोग्राफी को सरकार कानूनी दायरे में ला सकती हैं, क्योंकि ये तो हैवानियत है।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस वेंकटचलैया ने सन 1995 में खोडे डिस्टलरीज केस के फैसले में कहा था कि पोर्नोग्राफी जैसे आपराधिक व्यापार संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत किसी का मौलिक अधिकार नहीं हो सकता।

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