ED क्या है, Enforcement Directorate के कार्य ?

0
86

ED यानी की DIRECTORATE OF ENFORCEMENT OR Directorate General of Economic Enforcement को निदेशालय या आर्थिक प्रवर्तन महानिदेशालय कहते है।

ED वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन भारत सरकार की एक विशेष वित्तीय जांच एजेंसी है।

जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में है, ED के पांच मुख्या कार्यालय भी हैं, जो मुंबई , चंडीगढ़ , चेन्नई, कोलकाता , दिल्ली में स्थित है।

ED के 16 क्षेत्रीय कार्यालय है जो अहमदाबाद, पटना , चंडीगढ़, चेन्नई, कोच्चि, जालंधर, पणजी, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर ,दिल्ली , कोलकाता, मुंबई, लखनऊ, गुवाहाटी और श्रीनगर, बेंगलुरु में स्थित है।

क्षेत्रीय कार्यालय प्रमुख को संयुक्त निर्देशक कहा जाता है और 11 उप क्षेत्रीय कार्यालय है जो भुबनेश्वर, मदुरै, नागपुर, प्रयागराज, कोजीकोड, रायपुर, देहरादून, इंदौर, रांची, सूरत व शिमला में स्थित है इनके प्रमुख अधिकारी को उप निर्देशक कहा जाता है।

ED के कार्य क्या है ?

PREVENTION OF MONEY LAUNDERING ACT, 2002 ( PMLA )।

FOREIGN EXCHANGE MANAGEMENT ACT , 1999 ( FEMA )।

अगर कोई व्यक्ति PREVENTION OF MONEY LAUNDERING ACT, 2002 ( PMLA ), FOREIGN EXCHANGE MANAGEMENT ACT , 1999 ( FEMA ) का उलंघन करता है, तो उसके खिलाफ जांच करने का अधिकार और उसे गिरफ्तार करने अधिकार ED प्रवर्तन निदेशालय को दिया जाता है।

भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय कॉर्पोरेट कानून सेवा, संयुक्त अधिकारी भारतीय राजस्व सेवा और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी इस विशेष वित्त्य एजेंसी में काम करते है।

ED ( Enforcement Directorate)

ED ( Enforcement Directorate) संगठन की स्थापना और गठन नई दिल्ली में 1 मई 1956 में हुई थी, जब विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम,1947 के अंतर्गत विनिमय नियंत्रण विधियों के उल्लंघन को रोकने के लिए आर्थिक कार्या विभाग के नियंत्रण में एक ‘प्रवर्तन इकाई’ गठित की गई थी।

वर्ष 1957 में इसका नाम ‘प्रवर्तन निदेशालय’ कर दिया गया था तथा मद्रास में इसकी एक और शाखा खोल दी गई।

नई दिल्ली के मुख्यालय के आलावा प्रवर्तन निदेशालय के पास चंडीगढ़ , मुंबई ,कोलकाता , हैदराबाद आदि में विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालय है।

ED के पास अलग अलग शहरों में भी कई उपक्षेत्र आधारित कार्यालय है।

भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय कॉर्पोरेट कानून सेवा, संयुक्त अधिकारी भारतीय राजस्व सेवा और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी ED प्रवर्तन निदेशालय में काम करते है।

ED (ईडी) का संचालन कैसे होता है ?

ED ख़ुफ़िया संगठन की रिपोर्ट विभिन्न स्रोतों जैसे की ख़ुफ़िया विभागों और राज्य , शिकायतों आदि को FEMA उल्लंघन , 1999 से सम्बंधित जानकारी इकट्ठी करना , स्थापित करने और प्रसारित करने के लिए प्रदान की जाती है।

ED ने पूर्व FEMA 1999 के FERA 1973 के उल्लंघनों से सम्बंधित मामलो को सुनाया।

फेमा 1999 नियमों के संदिग्ध उल्लंघनों की ED जांच करती है, जिसमे निर्यात आय का गैर-प्राप्ति, हवाला विदेशी मुद्रा रैकिंग, फेमा उल्लंघन, 1999 और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का गैर-प्रत्यावर्तन आदि के अन्य रूप शामिल है।

PML संदिग्धों के खिलाफ ED जांच, सजा, मुकदमा, तलाश, निरिक्षण आदि का संचालन करता है।

ED पूर्व FERA 1973 हैंडलिंग के तहत अपील और कानूनी कार्यवाही के लिए जिम्मेदार है।

ED गैरकानूनी गतिविधि को हटाने और PML ए के तहत कथित अपराधियों के हस्तांतरण से संबंधित ठेका राज्यों से संयुक्त कानूनी सहायता प्रदान करता है और प्राप्त करता है।

ED विदेशों में कोई भी संपत्ति खरीदने पर उसकी भी जांच करता है, फॉरेन एक्सचेंज से जुड़े मामलों की जांच करता है।

ED के मुख्य उद्देश्य क्या है ?

फेमा 1999 और PML ए 2002 जैसे दो प्रमुख भारतीय सरकारी कानूनों को लागू करना Enforcement Directorate का उद्देश्य है।

ED विशेष रूप से खोजी निकाय के रूप में काम करता है और सार्वजनिक डोमेन पर पूरी जानकारी जारी करना GOI दिशानिर्देशों के विपरीत है।

ED के अधिकार क्या है ?

वित्तीय रूप से देश में हो रहे गैर क़ानूनी कामो पर ED प्रवर्तन निदेशालय कार्यवाई कर सकता है।

भारत सरकार की सभी तरह की वित्तीय जांच करने का अधिकार फेरा 1973 और फेमा 1999 यह दो अधिनियम के तहत ED को प्राप्त है।

विदेश में किसी भी संपत्ति पर कार्यवाही करके रोकथाम करने का अधिकार ED को प्रदान किया गया है।

ED प्रवर्तन निदेशालय के पास मनी लांड्रिंग के आरोप में पाए गए लोगो के खिलाफ गिरफ्तारी जब्ती और खोज लड़ने का अधिकार भी है।

ED प्रवर्तन निदेशालय को इसके आलावा सरकार ने विदेशी मुद्रा अधिनियम के तहत उल्लंघन से निपटने की भी पूरी छूट प्रदान कर रखी है।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here