IPC Section 354|आईपीसी धारा 354 क्या है ?

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जैसे मामले सुनने को मिलते है महिलाये देश के किसी भी कोने में क्यों न हो वह सुरक्षित नहीं है गांव, कसबे, या शहर किसी भी क्षेत्र में खुद महफूज महसूस करना उनके लिए बहुत मुश्किल हो गया है।

इसके लिए उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करना अति आवश्यक है जिसके लिए ऐसे कानून बनाया जाये जिससे अपराधों को रुका जा सके और अपराधी को सजा दी जा सके ।

जब कोई किसी स्त्री अथवा महिला की इज़्ज़त भंग करता है, या नष्ट करता है, या फिर उस इस्त्री पर हमला करता है या अपराधिकता का प्रयोग कर उसकी साथ छेड़ छाड़ करता है, तो उसे 1 साल तक का कारावास की सजा जिसको बढ़ा कर 5 साल भी किया जा सकता है या आर्थिक दंड या दोनों के साथ दण्डित किया जायेगा।

आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 2013 द्वारा इसमें 354 A, 354B, 354C, तथा 354D जोड़ा गया है।

भारतीय दंड संहिता यानि आईपीसी की धारा 354 में बताया गया है कि यदि कोई व्यक्ति किसी स्त्री अथवा महिला की लज़्ज़ा या उसकी इज़्ज़त भंग करता है या उसकी इज़्ज़त को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाता है या फिर उसे बदनाम करता है या तो महिला पर किसी प्रकार से अपना काम मनवाने के लिए जोर जबरदस्ती की कोशिश करता है या उस महिला पर हमला करता है या तो अपराधिकता का प्रयोग करते हुए उसकी इज़्ज़त को नष्ट करता है तो यह अपराध की श्रेणी में आएगा तथा ऐसा करने वाला व्यक्ति अपराधी होगा।

यहां पर 18 वर्ष से कम  उम्र की महिला की बात नहीं की गयी है यानि यह अपराध 18 वर्ष से कम की महिला से सम्बंधित नहीं है उसने लिए एक अलग से कानून बना हुआ है यह सिर्फ 18 वर्ष से ज्यादा की उम्र वाली महिला से सबंधित है।

इसके तहत यदि कोई व्यक्ति किसी महिला को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है या कोई किसी महिला के शारीरिक अंग को लेकर भद्दी टिप्पणी करता है, या फिर किसी महिला पर सेक्ससुअल कमेंट करता है या किसी महिला को बुरी नज़रो से घूरता है या उसके किसी अंग को गलत तरीके से स्पर्श करता है या फिर महिला का गलत इरादों के लिए पीछा करता है या तो उसे अश्लील दृश्य दिखाता या उसकी किसी प्राइवेट पार्ट की तस्वीरें लेता या उससे जबरदस्ती यौन संबंध जैसी मांग करता है और उसे डराता और धमकाता है कि यदि उसने उसकी मांग नहीं पूरी की तो वह सामाजिक तौर पर उसका खुलासा कर देगा और उसे बदनाम कर देगा या उसकी व्यक्तिगत या प्राइवेट तस्वीरों को सबके सामने प्रस्तुत कर देगा। इस प्रकार की कोई भी गतिविधि अपराध है तथा ऐसा करने वाला व्यक्ति आईपीसी की धारा 354 के तहत अपराधी होगा।

आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 2013 द्वारा 354 की कई उपधाराएँ तैयार करके 354 A, 354B, 354 C, और 354 D।

354(A) इसके तहत लैंगिक संबंधो की मांग का अनुरोध करना या फिर अश्लील करना या तस्वीरें दिखाना जैसे कृत्य शामिल है।

354(B) किसी महिला के खिलाफ बल का प्रयोग करना, या उसे विवस्त्र करने पर मजबूर करना या उकसाना जैसे कृत्य शामिल है।

354(C) किसी महिला के प्राइवेट पार्ट की फोटो लेना या उसे फैलाना या घूरकर देखना या अश्लील कमेंट करना जैसे कृत्य शामिल है।

354(D) किसी महिला या लड़की को उसके मर्ज़ी के खिलाफ उसका पीछा करना जैसे कृत्य शामिल है।

आईपीसी की धारा 354 में जमानत का क्या प्रावधान है ?

यह एक सांग्ये अपराध है, जिसमे पुलिस बिना वारंट के अपराधी को गिरफ्तार कर सकती है, और यह गैर जमानतीय अपराध है यानि इसमें अपराधी की जमानत नहीं होगी। यह किसी भी श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है, यह समझौता करने योग्य नहीं यानि इसमें समझौता नहीं किया जा सकता है।

IPC की धारा 354 के तहत दंड का प्रावधान।

आईपीसी की धारा 354 के तहत 1 साल तक का कारावास की सजा दी जाएगी या आर्थिक दंड की सजा या फिर दोनों प्रकार की सजा 1 साल की कैद भी और आर्थिक दंड भी।

कई बार अपराध की गंभीरता को देखते हुए अपराधी की सजा को बढ़ाया जा सकता है कहने का मतलब है कि कैद की सजा को बढ़ाकर 1 साल से 5 साल तक किया जा सकता है और साथ में आर्थिक दंड भी दिया जा सकता है।

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