Rental Agreement|रेंट एग्रीमेंट क्या है ?

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जब कोई व्यक्ति अपनी किसी प्रॉपर्टी या मकान को किराये पर देता है तो उसके और किरायेदार के बीच हुई कानूनी कागजी कार्यवाही को किरायनामा (रेंट एग्रीमेंट) कहते हैं।

किरायनामा एक प्रकार का समझौता पत्र है जो किरायेदार और प्रॉपर्टी के मालिक की सहमति से बनाया जाता है, इस पर प्रॉपर्टी के मालिक के द्वारा बनाये गए कुछ नियम व शर्तों को दर्शाया जाता है, और प्रॉपर्टी के मालिक इन शर्तों पर अपनी प्रॉपर्टी को किराये पर दे रहे हैं।

इसपर प्रॉपर्टी के मालिक के हस्ताक्षर होना आवश्यक है, यदि किरायेदार इन शर्तों से सहमत है तो सहमति के लिए उसको इस किरायेनामे पर हस्ताक्षर कर देने हैं।

अतः इस पर दोनों पक्षों के हस्ताक्षर का होना अनिवार्य है, यदि प्रॉपर्टी के मालिक को इस किरायेनामे में कुछ बदलाव करने हैं तो उसको तीस दिनों के भीतर ही किरायेदार को सूचित करना होगा।

किरायेनामे की अवधि अधिकतर ग्यारह महीनों की ही होती है, उसके बाद या तो किरायेदार प्रॉपर्टी छोड़ देते हैं या इसे अपडेट कर देते हैं।

रेंट एग्रीमेंट बनवाने के लिए कोनसे दस्तावेज
(documents)चाहिए।

प्रॉपर्टी के मालिक और किरायेदार का आधार कार्ड।

दोनों के ओरिजिनल आधार कार्ड और उनकी फोटोकॉपी।

किरायेदार और प्रॉपर्टी के मालिक की पासपोर्ट साइज फोटो।

सुरक्षा के लिए कुछ धनराशि और प्रॉपर्टी का किराया।

इसके लिए आपको दो गवाहों की जरुरत होगी, दोनों गवाहों के पास उनका आईडी कार्ड होना आवश्यक है।

दोनों गवाहों का मानसिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है, सभी कानूनी कार्यवाही की जानकारी के लिए किसी वकील की सलाह जरूर लें।

किरायानामा (Rent Agreement) तैयार करवाते समय ध्यान देने योग्य मुख्य बातें।

किरायानामा तैयार करते समय प्रॉपर्टी के मालिक और किरायेदार का पूरा नाम, पिता का नाम, पता और उम्र जैसी जरुरी जानकारियों को सही से दर्ज करना है।

किराये के बारे में मालिक और किरायेदार के बीच हुए फैसले को किरायानामा में दर्ज कर लेना चाहिए।

प्रॉपर्टी में हुए किसी भी प्रकार किरायेदार द्वारा हुए नुकसान की भरपाई किरायेदार को करनी होगी।

हर महीने में कितनी तारिख को किराया देना होगा यह भी दर्ज कर लें।

किराये में बिजली और पानी का बिल शामिल है या नहीं यह भी लिखवाना चाहिए।

मालिक की अनुमति के बिना किरायेदार प्रॉपर्टी में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं कर सकते।

यदि प्रॉपर्टी के मालिक को अपनी प्रॉपर्टी को वापिस लेना है तो उसे इस बारे में किरायेदार को कितने पहले सूचित करना है, यह भी लिखा होना चाहिए।

सुरक्षा की धनराशि कितनी देनी है, प्रॉपर्टी के मालिक द्वारा बताई गयी सभी शर्तों को लिखवाना बहुत आवश्यक है।

किरायानामा पर दोनों पक्षों की सहमति के साथ हस्ताक्षर का होना बहुत महत्वपूर्ण है, किरायानामा में दो गवाहों के हस्ताक्षर होना भी अनिवार्य है।

ध्यान रहे कि जो आपके गवाह है उनका मानसिक रूप से सही होना जरुरी है।

किरायानामा में सभी जानकारी का सही होना आवश्यक है।

रेंट एग्रीमेंट कैसे बनवाई ?

किरायानामा बनवाने के लिए आपको किसी नोटरी के पास जाना होगा।

किसी नोटरी के पास यह आसानी से बन जायेगा। नोटरी के साथ साथ आप इसको किसी स्टाम्प पेपर बेचने वाले के पास से भी खरीद सकते हो।

लेकिन एक बात का ध्यान जरूर रखें कि जिससे आप किरायानामा खरीद रहे हो उसके पास स्टाम्प पेपर बेचने का लाइसेंस जरूर हो।

किरायानामा बनवाने के लिए दोनों पक्षों एक आईडी कार्ड, जिसने प्रॉपर्टी किराये पर देनी हो और एक जिसने प्रॉपर्टी किराये पर लेनी हो, का जाना जरुरी है।

इसके साथ साथ किरायानामा पर दोनों की सहमति के हस्ताक्षर होना जरुरी हो, किरायानामा बनवाने के लिए आपको दो गवाहों जरुरत भी होगी, जिनका मानसिक संतुलन पूरी तरह ठीक हो।

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