RTI आवेदन की प्रक्रिया, सुचना आयोग में कब और कैसे शिकायत करे।

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केंद्र और राज्य के स्तर पर सभी विभागों में सूचना का अधिकार लागू कर दिया गया है, और इसके लिए अलग विभाग से लेकर कार्यालयों में सूचना की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए कार्यरत कर्मचारियों को मनोनीत लोक सूचना अधिकारी के रुप में नियुक्त किया गया गया है।

सूचना की अनुपलब्धता की स्थिति में प्रथम अपीलीय प्राधिकारी, द्वितीय अपील आधिकारी के पास सीधे आयोग में भी अपील की जा सकती है।

कई राज्यों ने सूचना के अधिकार में लोगों की सहायता के लिए सूचना और प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए पूरी तरह से समर्पित RTI की वेबसाईट का निर्माण किया है।

RTI का अधिकार-सांविधानिक प्रावधान

सूचना के अधिकार का दर्ज़ा उपयोगिता इस बात से सिद्ध होता है कि संविधान में इसे मूलभूत अधिकार का दर्ज़ा दिया गया है।

RTI का अर्थ है सूचना का अधिकार और इसे संविधान की धारा 19 (1) के तहत एक मूलभूत अधिकार का दर्जा दिया गया है।

धारा 19 (1) जिसके तहत प्रत्‍येक नागरिक को बोलने और अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता दी गई है, और उसे यह जानने का अधिकार है, कि सरकार कैसे कार्य करती है, इसकी क्‍या भूमिका है, इसके क्‍या कार्य हैं।

माहिती का अधिकार अधिनियम प्रत्‍येक नागरिक को सरकार से प्रश्‍न पूछने का अधिकार देता है, और इसमें टिप्‍पणियां, सारांश अथवा दस्‍तावेजों या अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियों या सामग्री के प्रमाणित नमूनों की मांग की जा सकती है।

RTI अधिनियम पूरे भारत में लागू है, जिसमें सरकार की अधिसूचना के तहत आने वाले सभी निकाय शामिल हैं, जिसमें ऐसे गैर सरकारी संगठन भी शामिल है, जिनका स्‍वामित्‍व, नियंत्रण अथवा आंशिक निधिकरण सरकार द्वारा किया गया है।

सूचना आयोग में शिकायत कब करें

अधिनियम के प्रावधान 18 (1) के तहत यह केन्‍द्रीय सूचना आयोग या राज्‍य सूचना आयोग का कर्तव्‍य है, किसी भी मामले में, किसी नागरिक द्वारा प्राप्त की गई शिकायत की जांच करे पूछताछ करें।

अगर अधिनियम के तहत कोई जानकारी देने से मना कर दिया गया हो। ऐसा व्‍यक्ति जिसे इस अधिनियम के तहत तय समय सीमा के अंदर सूचना अनुरोध का उत्तर नहीं दिया गया हो।

जिसे शुल्‍क भुगतान करने की आवश्‍यकता न हो, जिसे वह अनुपयुक्‍त मानता / मानती है।

जिसे इस अधिनियम के तहत अपूर्ण, भ्रामक या झूठी जानकारी दी गई है।

अगर अधिकारी या केन्‍द्रीय सहायक लोक सूचना अधि‍कारी या राज्‍य सहायक लोक सूचना अधिकारी, इस अधिनियम के तहत नियुक्‍त न किया गया हो।

सूचना या अपील के लिए उसके आवेदन को स्‍वीकार करने से मना कर दिया हो जिसे वह केन्‍द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्‍य लोक सूचना अधिकारी या धारा 19 की उपधारा (1) में निर्दिष्‍ट राज्‍य लोक सूचना अधिकारी के पास न भेजे या केन्‍द्रीय सूचना आयोग अथवा राज्‍य सूचना आयोग में अग्रेषित न करें।

इनमे से किसी भी मामले में आप सुचना आयोग में शिकायत कर सकते हो।

RTI | सूचना प्राप्ति की प्रक्रिया

आप सूचना के अधिकार अधिनियम- 2005 के अंतर्गत किसी लोक सरकारी संगठन या सरकारी सहायता प्राप्त गैर सरकारी संगठनों से सूचना प्राप्त कर सकते हैं।

आवेदन हस्तलिखित या टाइप किया होना चाहिए। आवेदन प्रपत्र भारत विकास प्रवेशद्वार पोर्टल से भी डाउनलोड किया जा सकता है। आवेदन प्रपत्र डाउनलोड संदर्भित राज्य की वेबसाईट से प्राप्त कर सकते हो।

आवेदन अँग्रेजी, हिन्दी या अन्य प्रादेशिक भाषाओं में तैयार कर सकते हो।

RTI आवेदन में निम्न मुद्दा लिखे

सहायक लोक सूचना अधिकारी/लोक सूचना अधिकारी का नाम व उसका कार्यालय पता।

विषय : सूचना का अधिकार अधिनियम- 2005 की धारा 6(1) के अंतर्गत आवेदन।

सूचना का ब्यौरा, जिसे आप लोक प्राधिकरण से प्राप्त करना चाहते हैं।

आवेदनकर्त्ता का नाम, पिता/पति का नाम।

वर्ग- अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ी जाति।

आवेदन शुल्क।

मोबाइल नंबर व ई-मेल पता (मोबाइल तथा ई-मेल पता देना अनिवार्य नहीं)।

पत्राचार हेतु डाक पता, आवेदनकर्त्ता के हस्ताक्षर।

RTI के आवेदन के ध्यान देने योग्य मुद्दे

आवेदन जमा करने से पहले लोक सूचना अधिकारी का नाम, शुल्क, उसके भुगतान की प्रक्रिया आदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर लें।

सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सूचना प्राप्त करने हेतु आवेदन पत्र के साथ शुल्क भुगतान का भी प्रावधान है। परन्तु अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति या गरीबी रेखा से नीचे के परिवार के सदस्यों को शुल्क नहीं जमा करने की छूट प्राप्त है।

जो व्यक्ति शुल्क में छूट पाना चाहते हों उन्हें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/बीपीएल प्रमाणपत्र की छायाप्रति जमा करनी होगी।

आवेदन हाथो-हाथ, डाक द्वारा या ई-मेल के माध्यम से भेजा जा सकता है।

यदि आप आवेदन डाक द्वारा भेज रहे हैं तो उसके लिए केवल पंजीकृत (रजिस्टर्ड) डाक सेवा का ही इस्तेमाल करें। कूरियर सेवा का प्रयोग कभी न करें।

आवेदन ई-मेल से भेजने की स्थिति में जरूरी दस्तावेज का स्कैन कॉपी अटैच कर भेज सकते हैं। लेकिन शुल्क जमा करने के लिए आपको संबंधित लोक प्राधिकारी के कार्यालय जाना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में शुल्क भुगतान करने की तिथि से ही सूचना आपूर्ति के समय की गणना की जाती है।

अर्थात् मुख्य आवेदन प्रपत्र, आवेदन शुल्क का प्रमाण, स्वयं या डाक द्वारा जमा किये गये आवेदन की पावती की 2 फोटोप्रति बनाएं और उसे सुरक्षित रखें।

यदि अपना आवेदन स्वयं लोक प्राधिकारी के कार्यालय जाकर जमा कर रहे हों, तो कार्यालय से पावती पत्र अवश्य प्राप्त करें जिसपर प्राप्ति की तिथि तथा मुहर स्पष्ट रूप से अंकित हों। यदि आवेदन रजिस्टर्ड डाक द्वारा भेज रहे हों तो पोस्ट ऑफिस से प्राप्त रसीद अवश्य प्राप्त करें और उसे संभाल कर रखें।

सूचना आपूर्ति के समय की गणना लोक सूचना अधिकारी द्वारा प्राप्त आवेदन की तिथि से आरंभ होता है।

RTI मिलने की समय सीमा

सामान्य स्थिति में 30 दिन सूचना की आपूर्ति करनी पड़ती है।

जब सूचना व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता से संबंधित हों, तब 48 घंटे में सूचना की आपूर्ति की जाती है।

जब आवेदन सहायक लोक सूचना अधिकारी के जरिये प्राप्त होता है, वैसी स्थिति में दोनो स्थिति में 05 दिन का समय और लगता है।

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