Succsetion certificate|सक्सेशन सर्टिफिकेट, इसे कैसे निकले।

0
129

कई बार परिवार के सदस्यों को सक्सेशन सर्टिफिकेट यानी उत्तराधिकार प्रमाणपत्र लेने की जरूरत पड़ती है. यह कानूनी उत्तराधिकारी को सत्यापित करता है।.

इसे उत्तराधिकार कानूनों के अनुसार मृतक की चल-अचल संपत्ति को पाने का हक होता है. इनमें बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट, शेयर, म्यूचुअल फंड, निवेश इत्यादि शामिल हैं।

सक्सेशन सर्टिफिकेट के लिए कैसे आवेदन करें ?

संपत्तियों पर दावा करने वाले उत्तराधिकारी को निर्धारित प्रारूप में एक याचिका दाखिल करनी पड़ती है।

यह याचिका सक्षम सिविल कार्ट में दाखिल की जाती है. इस कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में मृतक की प्रॉपर्टी स्थित होनी चाहिए।

याचिका में सभी उत्तराधिकारियों के नाम, मृतक की मौत का दिन, समय और स्थान का उल्लेख होना चाहिए. इसके लिए मृत्यु प्रमाणपत्र की कॉपी कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करनी पड़ती है।

सक्सेशन सर्टिफिकेट के लिए अखबार में नोटिस क्यों देनी पड़ती है ?

याचिका स्वीकार होने के बाद कोर्ट अखबारों में एक नोटिस जारी करता है. सक्सेशन सर्टिफिकेट जारी करने से पहले इस पर किसी तरह की आपत्ति मंगाई जाती है।

इसके लिए 45 दिन का समय दिया जाता है. आपत्ति दर्ज करने के लिए दस्तावेजों के साथ सबूत देने पड़ते हैं।

कब जारी किया जाता है, सर्टिफिकेट ?

समयसीमा खत्म होने के बाद यदि कोर्ट को कोई आपत्ति नहीं मिलती है तो कोर्ट याचिकाकर्ता के पक्ष में सक्सेशन सर्टिफिकेट जारी कर देता है।

सक्सेशन सर्टिफिकेट के लिए कोर्ट फीस कितनी होती हैं ?

कोर्ट सर्टिफिकेट जारी करने के लिए फीस लेता है. यह प्रॉपर्टी के मूल्य पर निर्भर करती है. यह फीस फिक्स्ड पर्सेंटेज के तौर पर ली जाती है. इसे स्टैंप पेपर पर लिया जाता है।

सक्सेशन सर्टिफिकेट के लिए ध्यान रखने योग्य बाबत।

सक्सेशन सर्टिफिकेट एक अनिवार्य दस्तावेज है. लेकिन, संपत्ति देने के लिए यह हमेशा काफी नहीं होता है. अन्य जरूरतों के अलावा इसके लिए मृत्यु प्रमाण पत्र की भी जरूरत होती है।

यदि याचिका को चुनौती नहीं दी जाती है तो कोर्ट अमूमन पांच से सात महीनों में सक्सेशन सर्टिफिकेट जारी कर देता है।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here